Dr Aniruddha Vyas
Bhutan
भूटान की यात्रा दूसरी यात्राओं से भिन्न रही। सम्भवतः ये मेरी पहली यात्रा है जिसमें मुझे खुला सुंदर आसमान पहाड़ जंगल नदी फूल वन्य जीव पक्षियों ने कम अपितु मानव सभ्यता ने ज़्यादा कौतूहल और विस्मय में डाला। इसका ये बिल्कुल भी मतलब नहीं की इन सब की सुंदरता इस हिमालयी राज्य में यहाँ बसे इंसानों से कुछ भी कमतर है। भौगौलिक सरंचना, बौद्धमठ व्यवस्था, राजतंत्र और लोकतंत्र के अनूठे मेल से उत्पन्न इस सुंदर इन्द्रधनुषीय रंगोली में एक सप्ताह व्यतीत कर यहाँ आकर भी अनायास ही ध्यान इस भूटान की शांत अप्रतिम वादियों में या कहीं भूटानी लोगों की मुस्कुराहटों में या फिर बिना ट्रैफिक सिग्नल की सड़को में भी व्यवस्थित शांत सी वाहनचाल में खो रहा है।





































