Dr. Rajendra K Lahoti

Bhandardara (Maharashtra)

We went to this place last year also, but before rainy season to see fireflies, but they disappear as soon as the rain comes Our stay was at MTDC resort, located on a small hill facing the lake rooms are very good and rates are reasonable and service. Also, very good. Bhandardhara has large dam which is 100 yr old. There were good rains hence in evening one gate was open This is area of Sahydri range, so you drive through mountains wherever you see, there is a greenery and Falls on the mountain

Every where there was rains so be prepared with poncho, umbrella and better to have sturdy hiking shoes Main crop here is rice. This is tribal area. We ate our lunch at made by tribal lady and enjoyed bajra and roti of rice with lapta Besan. But there were big falls also , but not as big as in Iceland Randhawa fall. You can see two rivers with 2 falls Vasundhara fall because of tree named standing in front of fall Nhani fall where you can enjoy from bridge in front and can go behind the fall Then you see beautiful necklace fall Then we come to see man made fall like mini niagra There are many numerous small falls on our way to MTDC Guest House हम छह भाई है, तीन भाई इस एक महीने में 60,70 व 80 के होने वाले हैं इसलिए विचार हुआ की क्यो ना परिवार वालो के साथ एक धार्मिक यात्रा का आयोजन किया जाए। बृजेश (६०) इसकी पूरी प्लानिंग व एक्सक्यूशन की जिम्मेदारी ले ली। हम लोग ३० अगस्त को इंदौर पटना ट्रेन से रवाना हुये करीब ३२ लोग। बाकी लोग अलग अलग जगह से सीधे पहुँचेंगे। ट्रेन की सामुहिक यात्रा का कोई मुक़ाबला नहीं है। १.५ घंटे बाद ही ,उज्जैन में व्याई दीपक जी स्वयं गर्मागर्म कचौड़ी , चाय व पान लेकर आगये। आप लोगों ने भी महसूस किया होगा कि ट्रेनों में बैठते ही कुछ ज़्यादा ही भूख लगती है क्योंकि इन्दौर से तो हम लोग सब लंच लेकर चले थे पर उज्जैन में सब लोगों ने गरमा-गरम नाश्ते का मज़ा लिया। थोड़ी देर बाद ही शुजालपुर में फिर बिजनेस पार्टनर श्री राठी जी ने सैंडविच वि खमण व समोसे आदि भिजवा दिये, ट्रेन में आसपास के यात्री भी खुश थे , पैंट्री वाले से भी जान पहचान निकल आई थी । सीमा ने घर पर ही बल्क में कस्टम मेड सबके लिए स्वादिष्ट लंच बनबा लिया था। बीना में सीहोरे व्याय जी ने गर्म दूध भिजवा दिया। १-२ बजे तक गप्पे शप्पे चलती रहीं। जल्दी उठने वालों के लिए सुबह छह बजे पेंट्री से चाय बनकर आ गई विश्वनाथ धाम की पूरी काया पलट हो गई है। सिक्योरिटी बहुत है व्यवस्था बहुत अच्छी है हम पहले कई बार विश्वनाथ जा चुके हैं पर अब काफ़ी स्पेसियस होगया है, दशाश्वमेध घाट से पूरे कॉरिडोर जाना आसान है। पर कारो को बहुत पहले रोक दिया जाता है रिक्शा व बैटरी रिक्शा काफी दूर तक चले जाते है। मोबाइल आदि चीजे लॉकर में रखना पड़ता है। अंदर कुछ भी फोटो नहीं ले सकते है भारत वर्ष के कई शिवमंदिरों के भाँति यहाँ का विश्वनाथ धाम का जीर्णोद्धार इंदौर के अहिल्याबाई होलकर ने किया था बनारस दुनिया में अपनी मिठाइयों के लिए, अपनी साड़ीयो के लिए और आध्यात्म के लिए विख्यात है यहाँ कई विदेशी यात्री आते है यह गलियाँ बहुत फेमस हैं और रिक्शा भी नहीं जा सकता है नीचे सूरज की रोशनी भी नहीं आती है,अगर गाय या सांड बीच में आजाए तो निकलना मुश्किल हो जाता है सामान ले जाने के लिए छोटे टट्टू भी उपयोग में लेते है वाराणसी के प्रसिद्ध चीजों में इक है चाट हनुमान गढ़ी की स्थापना के बारे में कई किवदंतियां हैं कोई बोलता है नबाब का पुत्र गंभीर बीमारी से पीड़ित था ठीक होने पर उसने ये जमींन दान देकर यहाँ स्थापना कराई शाम को बच्चों ने बहुत मार्मिक प्रोग्राम का आयोजन किया वि अपनी टैलेंट का परिचय दिया। कुछ भाग :- अंत में ये आयोजन एक लाहोटी परिवार का धार्मिक मिलन समारोह होगया। पूरा आईडिया, उसका प्लानिंग , इतना बड़ा खर्चा ,सबके चहेते व सबसे छोटे भाई बृजेश का था Lahoti परिवार ऋणी है : डॉ आलोक लाहोटी का जिन्होंने केवल एक फ़ोन से कई काम आसान कर दिए व उनके वाराणसी में स्कूलिंग की बजह से उचित मार्ग दर्शन मिला About 7/8 years ago, we took canal boat tour in Borneo and we were only four people and four crew members. They cooked our breakfast lunch and dinner in the boat. We slept in the boat. It was a big house boat and there was a beautiful Jungle, both side of the canal And we got down at one or two places and seen Oranguton and proboscis monkey.

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